इनका जन्म राजस्थान राज्य के जयपुर जिले के फुलेरा कस्बे में दिनांक 23 दिसंबर 1990 को श्री ललित कुमार शर्मा और अनुपमा शर्मा के यहाँ हुआ ।माता पिता की सबसे छोटी संतान होने के कारण इनके विचार हमेशा से मौलिक और क्रांतिकारी रहे । बचपन से ही साहित्य के प्रति इनका विशेष लगाव था ।हिंदी और अंग्रेजी साहित्य पढ़ते-पढ़ते इनका रुझान लेखन की ओर विकसित हुआ ।अपने अंतर्मन की नकारात्मक भावनाओं को एक सकारात्मक आकार देने का माध्यम इन्हें मिल गया ।शुरुआत कविता से हुई , पूर्व में प्रकाशित कविता संग्रह श्री काफी लोकप्रिय हुआ । धीरे धीरे कविता ने आकार बदला और लघु कथा , ुनवजमे का रूप ले लिया । 2 जून 2013 को इनका विवाह श्री दिनेश कुमार शर्मा के साथ संपन्न हुआ । गर्व शर्मा और मनस्व शर्मा इनके पुत्र हैं।वर्तमान में ये अंग्रेजी की अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं ।
Free Verse Poetry, Poetry, Quotes, Traditional Poetry
जय श्री (Jay SHREE)
₹350.00
खिचड़ी राजस्थान का एक प्रसिद्ध व्यंजन है जिसमें कई प्रकार की सामग्री विशेष का समावेश होता है। ठीक उसी प्रकार इस पुस्तक में भी quotes, कविता और लघु कहानियां सम्मिलित है । इसीलिए इसे खिचड़ी संग्रह की संज्ञा दी गई । समस्त रचनाओं के केन्द्र में लक्ष्मी स्वरूपा स्त्री को रखा गया है जिसके इर्द गिर्द पुरुष की सत्ता के सहज ही दर्शन हुए है इसीलिए इसे जयश्री कहा गया है। भावनाओं के उतार चढ़ाव को बहुत ही खूबसूरत ढंग से परोसा गया है। सहज बोलचाल की (आम भाषा ) का प्रयोग रचनाओं में किया गया है ताकि आम (आदमी) से जुड़कर ये रचनाएं कुछ खास हो सके। इन रचनाओं का प्रमुख उद्देश्य समाज में जागृति लाकर अपराधिक तत्त्वों को कम करना है ताकि परिस्थितियों में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।





Reviews
There are no reviews yet.